मुंबई का प्रख्यात सिद्धिविनायक मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आस्था का केन्द्र बनता है। यहां लोग साधारण व्यक्तियों से लेकर अरबपतियों तक, सभी मत्था टेकने आते हैं। इस मंदिर की आय भी काफी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिद्धिविनायक मंदिर ने 133 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की, जो अब तक की सबसे []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 02:37 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 04:09 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
मुंबई का प्रख्यात सिद्धिविनायक मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आस्था का केन्द्र बनता है। यहां लोग साधारण व्यक्तियों से लेकर अरबपतियों तक, सभी मत्था टेकने आते हैं। इस मंदिर की आय भी काफी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिद्धिविनायक मंदिर ने 133 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की, जो अब तक की सबसे अधिक वार्षिक आय है।
बेला जयसिंघानी की रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में मंदिर की कमाई 114 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 133 करोड़ रुपये हो गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 में इस मंदिर की वार्षिक आय 154 करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं से नकद, ऑनलाइन लेन-देन और सोना-चांदी के माध्यम से आय में वृद्धि हुई है। भक्तों की बढ़ती संख्या और ऑनलाइन दान विकल्पों के कारण भी आय में वृद्धि हुई है। मंदिर ने सोना और चांदी के रूप में 7 करोड़ रुपये का दान प्राप्त किया, जबकि दान पेटी से 98 करोड़ रुपये की नकद राशि मिली। पूजा बुकिंग और प्रसाद जैसे अन्य स्रोतों से 10 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी और अन्य अवसरों पर बॉलीवुड सितारों से लेकर व्यवसायियों तक लाखों श्रद्धालु आते हैं। भारत में सिद्धिविनायक मंदिर जैसे अन्य धार्मिक स्थलों को भी दान में कई करोड़ रुपये मिलते हैं। आंध्र प्रदेश का वेंकटेश्वर मंदिर हर साल करीब 1500 से 1650 करोड़ रुपये की आय दान के रूप में प्राप्त करता है।
वहीं, केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर हर साल 750 से 800 करोड़ रुपये की कमाई करता है। इस दान की राशि का उपयोग सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के रखरखाव, सुरक्षा, विस्तार कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, गरीबों की सहायता और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर किया जाता है।