डोनाल्ड ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किया गया रेसिप्रोकल टैरिफ भारत सहित कई देशों पर प्रभाव डालेगा। इस टैरिफ का असर केवल देशों की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा, बल्कि आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका प्रभाव केवल [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 06:42 am | Modified: Friday, 4 April 2025 at 05:02 am | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
डोनाल्ड ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किया गया रेसिप्रोकल टैरिफ भारत सहित कई देशों पर प्रभाव डालेगा। इस टैरिफ का असर केवल देशों की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा, बल्कि आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका प्रभाव केवल भारत या उन देशों तक सीमित नहीं रहेगा, जिन पर अमेरिका यह टैरिफ लगाएगा। बल्कि, यह अमेरिकी नागरिकों को भी प्रभावित करेगा। आइए जानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से भारत के कौन से सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
भारत को कितना नुकसान होगा?
Motilal Oswal की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, रेसिप्रोकल टैरिफ का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव सीमित होगा। भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ का अंतर 9 प्रतिशत है, जो कि वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है, फिर भी GDP पर इसका प्रभाव केवल 1.1 प्रतिशत रहेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के कुल 42.2 बिलियन डॉलर के निर्यात प्रभावित हो सकते हैं, जो GDP का केवल 1.1 प्रतिशत है।
किन सेक्टर्स पर असर होगा?
भारत की कुछ इंडस्ट्रीज रेसिप्रोकल टैरिफ से सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं। इसका अर्थ यह है कि इन सेक्टरों में कार्यरत कंपनियों के लाभ में कमी आ सकती है। इसके अलावा, इनसे जुड़े रोजगार पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका द्वारा अधिक टैरिफ लगाने से इन सेक्टरों की कंपनियों के उत्पाद पहले की तुलना में अमेरिका में महंगे हो जाएंगे, जिससे अमेरिकी नागरिकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
प्रभावित सेक्टर्स में शामिल हैं-
इलेक्ट्रिकल मशीनरी
गहने और ज्वेलरी
फार्मा उत्पाद
न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए मशीनरी
आयरन और स्टील
सी-फूड
भारत-अमेरिका व्यापार का हाल
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ में वृद्धि से भारत का निर्यात 3.6 बिलियन डॉलर कम हो सकता है। हालांकि, यह GDP का केवल 0.1 प्रतिशत है। 2024 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 124 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसमें, भारत ने अमेरिका को 81 बिलियन डॉलर का निर्यात किया और 44 बिलियन डॉलर का आयात किया। इस प्रकार, भारत को 37 बिलियन डॉलर का व्यापार सरप्लस मिला। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा शीर्ष 10 में भी नहीं आता। यह स्पष्ट है कि ट्रंप का गुस्सा भारत के बजाय चीन, मेक्सिको और कनाडा पर अधिक रहेगा।
इन सेक्टर्स पर कम असर होगा
कृषि और डेयरी उत्पादों पर टैरिफ अधिक हो सकता है, लेकिन इनका निर्यात केवल 0.5 बिलियन डॉलर है, इसलिए इन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, एनर्जी, मेटल और ऑटो सेक्टर पर टैरिफ बढ़ाने से अमेरिका को भी नुकसान होगा, इसलिए ये सेक्टर सुरक्षित क्षेत्र में हैं।