newsstate24 Logo

अमेरिका ऑस्ट्रेलिया चीन जैसे देशों में रहने वाले भारतीयों पर ट्रंप के टैरिफ का प्रभाव

US Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों के आयात पर उच्च टैरिफ लगाकर वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है. 2 अप्रैल 2025 को लागू इस शुल्क से महंगाई की चिंता फिर से बढ़ गई है. इससे विदेशों में काम करने वाले और छात्र भविष्य में कई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं. विशेष [...]

Published: Friday, 4 April 2025 at 03:53 am | Modified: Friday, 4 April 2025 at 10:25 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार

Social ShareFacebookXWhatsAppInstagramLinkedIn
अमेरिका ऑस्ट्रेलिया चीन जैसे देशों में रहने वाले भारतीयों पर ट्रंप के टैरिफ का प्रभाव

US Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों के आयात पर उच्च टैरिफ लगाकर वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है. 2 अप्रैल 2025 को लागू इस शुल्क से महंगाई की चिंता फिर से बढ़ गई है. इससे विदेशों में काम करने वाले और छात्र भविष्य में कई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं. विशेष रूप से यह उन लोगों पर असर डाल सकता है जो अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और चीन में पढ़ाई या नौकरी करने की योजना बना रहे हैं.

अमेरिका के इम्पोर्ट टैक्स दर में बड़ा इजाफा

जमेरा लॉ ग्रुप के इमिग्रेशन लॉयर प्रशांत अजमेरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड या चीन जैसे देशों में अध्ययन या नौकरी की योजना बनाने वालों के लिए आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बदल सकती है. फिच रेटिंग्स ने बताया कि ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी इम्पोर्ट टैक्स दर 2024 में 2.5 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है. ऐसा हालात अंतिम बार 1910 के आस-पास देखे गए थे.

अमेरिकी टैरिफ के गंभीर परिणाम होंगे

अमेरिका ने चीन के आयात पर 54 प्रतिशत की दर से टैरिफ लगा दिया है. इसके जवाब में चीन और यूरोपीय संघ ने भी प्रतिक्रम कार्रवाई की चेतावनी दी है. यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि इसके परिणाम दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए भयानक होंगे. फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू ने इसे “संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके नागरिकों के लिए एक आपदा” बताया.

टैरिफ लागू होने से आयात महंगा हो जाएगा. इसका प्रभाव न सिर्फ अमेरिकियों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अप्रवासियों पर भी पड़ेगा. प्रशांत अजमेरा ने आगे बताया कि भारतीय छात्र जो चीनी उत्पादों पर अधिक निर्भर हैं, उनके लिए जीवन महंगा हो जाएगा क्योंकि टैरिफ से वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका के खिलाफ प्रतिक्रम कार्रवाई होती है, तो अमेरिका इसका जवाब छंटनी के जरिए दे सकता है. उनका कहना था कि अप्रवासी, H-1B वीजा धारक और OPT पर अध्ययन कर रहे छात्र सबसे पहले प्रभावित हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें:

क्या ट्रंप के टैरिफ के चलते भारत में Apple का कारोबार आसान होगा? कंपनी को आई ये बड़ी मुश्किल

Related Articles

About Author