कर्नाटक सरकार ने जनता को एक बड़ा झटका देते हुए डीजल पर बिक्री कर को 3 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप डीजल की कीमत में 2 रुपये की वृद्धि हुई है। यह बदलाव एक अप्रैल से लागू हो चुका है। राज्य सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, डीजल पर कर्नाटक सेल्स टैक्स की दर []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 12:27 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 03:59 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
कर्नाटक सरकार ने जनता को एक बड़ा झटका देते हुए डीजल पर बिक्री कर को 3 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप डीजल की कीमत में 2 रुपये की वृद्धि हुई है। यह बदलाव एक अप्रैल से लागू हो चुका है। राज्य सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, डीजल पर कर्नाटक सेल्स टैक्स की दर को 18.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 21.17 प्रतिशत कर दिया गया है।
कर्नाटक में डीजल की कीमत पहले 88.99 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि पेट्रोल की कीमत 102.99 रुपये प्रति लीटर थी। कर्नाटक पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने पुष्टि की है कि डीजल के दाम में लगभग 2 रुपये का इजाफा किया गया है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि 4 नवंबर 2021 से पहले कर्नाटक में डीजल पर बिक्री कर की दर 24 प्रतिशत थी और उस समय डीजल का प्रति लीटर मूल्य 92.03 रुपये था। पिछले वर्ष 15 जून को, कर्नाटक सरकार ने डीजल पर कर की दर को घटाकर 18.44 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की थी।
बयान में उल्लेख किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद, एक अप्रैल 2025 से डीजल पर बिक्री कर की दर को बढ़ाकर 21.17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस परिवर्तन के बाद प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी होगी, जिससे बिक्री मूल्य 91.02 रुपये हो जाएगा। हालांकि, इसके बावजूद राज्य में संशोधित बिक्री मूल्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम रहेगा।
बयान में आगे कहा गया है कि 31 मार्च 2025 तक बेंगलुरु में डीजल की कीमत 89.02 रुपये होगी, जबकि होसुर (तमिलनाडु) में यह 94.42 रुपये, कासरगोड (केरल) में 95.66 रुपये, अनातपुरा (आंध्र प्रदेश) में 97.35 रुपये, हैदराबाद (तेलंगाना) में 95.70 रुपये और कागल (महाराष्ट्र) में 91.07 रुपये है। इस निर्णय की आलोचना करते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की कांग्रेस सरकार पर एक के बाद एक वस्तुओं पर कर लगाने का आरोप लगाया है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने मंगलवार को कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह मूल्य वृद्धि का दानव बन गई है और लोगों को कष्ट दे रही है। उन्होंने मीडिया के लिए जारी बयान में कहा कि कांग्रेस की सरकार अब कूड़े पर भी उपकर लगा रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर धोखा देने और निरंतर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है।