मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक हैरान करने वाली घटना हुई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतापगढ़ के अधिकारियों ने डॉ. डीडी संगतानी को उनकी कार के साथ ले लिया। यह घटना तब हुई जब डॉ. संगतानी अपने परिवार के साथ नालछा माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। डॉक्टर की कार को कैलाश [...]
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 07:12 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 04:13 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक हैरान करने वाली घटना हुई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतापगढ़ के अधिकारियों ने डॉ. डीडी संगतानी को उनकी कार के साथ ले लिया। यह घटना तब हुई जब डॉ. संगतानी अपने परिवार के साथ नालछा माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे।
डॉक्टर की कार को कैलाश मार्ग पर रोका गया था और इसके बाद उन्हें अपने साथ ले जाया गया। इस घटना के बाद डॉ. संगतानी के परिवार ने उन्हें अपहरण का शिकार बताते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई।
मंदसौर के एसपी अभिषेक आनंद परिवार के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं। सिंधी समाज के लोग पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, डॉ. संगतानी अपने परिवार के साथ नालछा माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने उनकी कार को रोका।
कार रोकने के बाद, अधिकारियों ने कार में सवार अन्य लोगों, जिसमें महिलाएं भी थीं, को बाहर उतरने के लिए कहा और फिर डॉ. संगतानी को अपनी कार सहित ले गए। इस घटना ने परिवार के सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया और उन्होंने पुलिस को सूचित किया कि डॉक्टर का अपहरण किया गया है।
इसके अतिरिक्त, एक और मामला सामने आया जहां एक अफीम तस्कर को चार साल का सश्रम कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। यह फैसला अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने सुनाया। जानकारी के अनुसार, 3 जून 2017 को मल्हारगढ़ थाने के सउनि नवनीत गोस्वामी ने महू-नीमच राजमार्ग पर नाकाबंदी की थी।
इस दौरान, मंदसौर की तरफ से आ रहे एक मोटरसाइकिल पर सवार मनीष जाट और उसके साथी को रोका गया था। तलाशी लेने पर उनके पास से एक किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
विचारण के समय अभियोजन द्वारा प्रस्तुत सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने मनीष जाट को अफीम तस्करी के अपराध में दोषी ठहराया और उसे चार साल की सजा सुनाई, साथ ही जुर्माने की राशि भी तय की।