मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को समय पर घोषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए इस साल बजट में तीन हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री [...]
Published: Friday, 4 April 2025 at 03:57 pm | Modified: Saturday, 5 April 2025 at 08:50 am | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को समय पर घोषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए इस साल बजट में तीन हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए। जैसे कि बिजली, पंखा, स्वच्छ पेयजल और छात्रों के लिए अलग शौचालय। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोई भी स्कूल खराब स्थिति में न हो और बच्चों को खुशी-खुशी स्कूल आने का माहौल मिले।
इसके अलावा, कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति और स्कूलों में मध्याह्न भोजन के प्रबंधन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम मई के पहले सप्ताह में घोषित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि इस साल स्कूली शिक्षा के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है, इसलिए गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पूरा पालन किया जाना चाहिए और अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के लिए भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने अपग्रेडेशन की आवश्यकता वाले स्कूलों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सांदीपनि स्कूलों को देश के लिए आदर्श मॉडल बनना चाहिए, जहां शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला और संस्कृति का भी ध्यान रखा जाए।
तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से स्कूलों में 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है और नर्सरी कक्षाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बोर्ड परीक्षाओं के प्रबंधन के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है और अब साल में दो बार परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को असफल होने पर पुनः परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, और उनके परिणामों में सुधार होगा।