पुलिस ने लगातार बढ़ते सड़क हादसों के मद्देनजर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को समझाने के साथ सख्ती से चालानी कार्रवाई भी शुरू की है। लेकिन लोग सुधारने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। एक जनवरी से 20 मार्च 2024 की तुलना में 2025 में इसी समय अवधि में सड़क हादसों में लगभग [...]
Published: Friday, 4 April 2025 at 07:30 pm | Modified: Saturday, 5 April 2025 at 11:45 am | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
पुलिस ने लगातार बढ़ते सड़क हादसों के मद्देनजर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को समझाने के साथ सख्ती से चालानी कार्रवाई भी शुरू की है। लेकिन लोग सुधारने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। एक जनवरी से 20 मार्च 2024 की तुलना में 2025 में इसी समय अवधि में सड़क हादसों में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रायपुर में सबसे ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं और यातायात नियम तोड़ने में भी यह अव्वल है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हादसों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले तीन महीने में 3,600 सड़क हादसों में 1,800 लोगों की जान चली गई और 3,300 लोग घायल हुए हैं।
हर दिन औसतन 48 हादसों में से 24 लोगों की मौत और 44 लोग घायल हो रहे हैं। रायपुर जिले में सबसे अधिक 490 हादसे हुए हैं जबकि नारायणपुर जिले में सबसे कम 10 हादसे दर्ज किए गए हैं। राज्य पुलिस ने बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी है।
राज्य पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी से 20 मार्च 2024 की तुलना में 2025 में इसी समय में हादसों में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि, मौतों में लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि और घायलों की संख्या में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हादसों में इजाफा हो रहा है। पिछले पौने तीन महीनों में 26,000 से अधिक लोगों से दो करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। दुर्ग में 23,000 लोगों से 60 लाख रुपये, बिलासपुर में 18,000 लोगों से 53,000 रुपये और नारायणपुर जिले में 400 लोगों से सबसे कम 40,000 रुपये वसूले गए हैं।
आने वाले शादी के मौसम और नवरात्र के दौरान ओवरलोडिंग और मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश परिवहन और पुलिस अधिकारियों ने दिए हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों में सवारी बिठाने की शिकायतें आ रही थीं। इसे ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को वाहनों की जांच कर जुर्माने और जब्ती की कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।