राजगढ़ जिले के ब्यावरा में शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक राकेश व्यास का साइलेंट अटैक से निधन हो गया। राकेश व्यास इंदौर के बावल्या खुर्द गांव के निवासी थे। इस घटना के बाद कथा स्थल पर शांति छा गई और परिजनों का हाल बुरा हो गया है। कथा वाचक राकेश व्यास। HighLights कथा वाचक [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 07:15 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 04:23 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
नवदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक राकेश व्यास का साइलेंट अटैक से निधन हुआ। इंदौर के बावल्या खुर्द के निवासी राकेश व्यास को तीसरे दिन कथा के आरंभ से पहले अटैक आया। दो दिन पहले ही कथा का आयोजन हो चुका था। इस घटना के बाद कथा स्थल पर सन्नाटा छा गया और परिवार के लोग अत्यंत दुखी हैं।
जिले में लगातार साइलेंट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सर्दी के बाद गर्मी में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। एक ऐसा मामला बुधवार को राजगढ़ जिले के ब्यावरा में हुआ। दरअसल, राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के राजगढ़ रोड पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पीछे 31 मार्च से 6 अप्रैल तक 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा था।
तीसरे दिन की कथा से पहले निधन
इंदौर के बावल्या खुर्द गांव के राकेश व्यास गुरुजी शिव महापुराण कथा करने आए थे। पहले दो दिन कथा का आयोजन हो चुका था। तीसरे दिन की कथा होनी थी लेकिन इससे पहले ही देर रात को साइलेंट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
आयोजक समिति के कालूराम गुर्जर ने बताया कि मंगलवार को शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक ने कहा था कि जीवन रंज-ओ-गम का मेला है, कल मैं रहूं या ना रहूं, तुम रहो या ना रहो, कथा का श्रवण करें, एक दिन राजा, रंक, फकीर सबको जाना है।
ब्यावरा शहर के राजगढ़ रोड पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पीछे प्रांगण में भवरगंज मित्र मंडल के तत्वावधान में 31 मार्च से 6 अप्रैल तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा था। इसके तहत दो दिनों से कथा वाचक पंडित राकेश व्यास भक्तों को भगवान शिव की महिमा का वर्णन कर रहे थे।
कथा वाचक के निधन के बाद कथा स्थल पर शांति छा गई। इंदौर के बावल्या खुर्द से कथा करने आए कथावाचक के अचानक अटैक के कारण निधन की सूचना से सभी हैरान रह गए। वहीं जैसे ही परिजनों को सूचना मिली, वे ब्यावरा पहुंचे और उनका रोने-धोने का हाल बुरा हो गया।