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गुजरात पटाखा विस्फोट कर्ज के बोझ तले थे मजबूरी में पटाखे बनाने का काम चुना बनासकांठा हादसे ने सबकुछ समाप्त कर दिया

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के संदलपुर गांव के दस लोग गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहां एक दर्दनाक हादसे में सभी की जान चली गई। यह परिवार कर्ज के बोझ तले दबी हुई स्थिति में था और मजबूरी के चलते पटाखे बनाने [...]

Published: Wednesday, 2 April 2025 at 01:40 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 04:38 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य

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गुजरात पटाखा विस्फोट कर्ज के बोझ तले थे मजबूरी में पटाखे बनाने का काम चुना बनासकांठा हादसे ने सबकुछ समाप्त कर दिया

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के संदलपुर गांव के दस लोग गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहां एक दर्दनाक हादसे में सभी की जान चली गई। यह परिवार कर्ज के बोझ तले दबी हुई स्थिति में था और मजबूरी के चलते पटाखे बनाने का काम करने पर मजबूर हुआ।

हादसे में जान गंवाने वाले परिवार की हालत बेहद गंभीर है। आंसुओं की बाढ़ में डूबा यह परिवार अपने प्रियजनों को खो चुका है। गुजरात के बनासकांठा जिले में हुए इस हादसे में मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के दस लोग मारे गए हैं, जिनमें से नौ संदलपुर गांव के निवासी हैं। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं जो अपने माता-पिता के साथ काम करने गए थे।

जितेंद्र शर्मा के अनुसार, कर्ज की स्थिति का दर्द उस परिवार के आंसुओं में साफ दिखाई दे रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने मध्य प्रदेश से गुजरात की ओर पलायन किया। पटाखे बनाकर अपने जीवनयापन की कोशिश की, लेकिन इस हादसे ने उनकी सारी उम्मीदों को चूर-चूर कर दिया।

अब उनके पास केवल आंसू बचे हैं। हंसते-खेलते परिवार का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। संदलपुर गांव के लोग 22-23 मार्च को हाटपीपल्या से 10 किलोमीटर आगे स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में काम करने गए थे।

लखन भोपा के फूफा भगवान भेरूलाल नायक ने बताया कि छह महीने पहले तक संदलपुर में कुकर सुधारने का काम करते थे, लेकिन बेटों की शादी और मकान बनाने के कारण उन पर लाखों का कर्ज हो गया था।

राकेश का परिवार भी आर्थिक संकट में जूझ रहा था। गुड्डी बाई, जो इनकी रिश्तेदार थीं, पहले से ही पटाखे बनाने का काम कर रही थीं। शायर बाई ने अपनी बेटी राधा को लेकर गुड्डी बाई के साथ गुजरात की पटाखा फैक्ट्री में काम करने के लिए गई थी।

एक हजार पटाखे बनाने पर उन्हें 500 रुपये मिलते थे। आर्थिक समस्याओं और कर्ज के बोझ से दबे भोपा परिवार ने पटाखे बनाने का काम किया।

अब मृतकों के शव लाने के लिए उनके परिजन निजी वाहन से गुजरात के लिए रवाना हो चुके हैं। परिवार को गुजरात सरकार से चार लाख रुपये और मध्य प्रदेश सरकार से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।

क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा भी संदलपुर गांव पहुंचे और उन्होंने मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि सहायता राशि शीघ्र ही उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात की गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री से इस मामले पर चर्चा की है।

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