कोर्ट ने अपने आदेश में यह उल्लेख किया है कि सभा में शामिल हुए आठ से दस हजार लोगों को उग्र आंदोलन के लिए भड़काने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही विधि विरूद्ध जमाव करने, घातक हथियारों से लैस होकर बलवा करने या करवाने के लिए भी आरोप लगाए गए हैं। अदालत [...]
Published: Friday, 4 April 2025 at 12:26 am | Modified: Friday, 4 April 2025 at 06:36 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
कोर्ट ने अपने आदेश में यह उल्लेख किया है कि सभा में शामिल हुए आठ से दस हजार लोगों को उग्र आंदोलन के लिए भड़काने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही विधि विरूद्ध जमाव करने, घातक हथियारों से लैस होकर बलवा करने या करवाने के लिए भी आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने यह भी बताया कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की हत्या का प्रयास किया गया था।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में जिला न्यायाधीश ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सहित आठ लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इन पर कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में आगजनी करने और उग्र भाषण देकर लोगों को भड़काने का आरोप है। सभी आरोपियों के खिलाफ अब मुकदमा चलेगा। देवेंद्र यादव इस मामले में छह महीने तक जेल में रहे और उन्हें फरवरी में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया।
जैतखाम को तोड़ने के विवाद के चलते जिले में व्यापक हिंसा हुई थी। इस घटना में 200 से अधिक वाहनों को जला दिया गया था और नुकसान का अनुमान 12 करोड़ रुपये लगाया गया था। कोर्ट ने कहा कि 10 जून, 2024 को सुबह 11 बजे या उससे पहले दशहरा मैदान में सतनामी समाज के आंदोलन में विधायक देवेंद्र यादव और अन्य आरोपितों ने आक्रामक और भड़काऊ भाषण देकर लोगों को दंगों के लिए उकसाया।
इस मामले में किशोर कुमार नवरंगे, दिनेश कुमार चतुर्वेदी, राजकुमार सतनामी, नितेश उर्फ निक्कू टंडन, ओमप्रकाश बंजारे और दीपक घृतलहरे भी शामिल हैं।