इस बीमा योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को तीन विकल्प प्रदान किए जाएंगे। पहले विकल्प में हर साल पांच लाख रुपये तक के बीमा कवरेज के लिए 500 रुपये प्रति माह का भुगतान करना होगा। दूसरे विकल्प में 10 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 1000 रुपये और तीसरे में 25 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 2000 रुपये प्रति माह देने होंगे।
प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को पांच से 25 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाएं कैशलेस मिलेंगी। अनुमानित रूप से लगभग 90,000 परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे।
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ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कंपनियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान इस योजना को समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
कर्मचारियों को तीन विकल्प प्रदान किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बीमा योजना अंशदायी और वैकल्पिक होगी। पहले विकल्प में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के बीमा के लिए 500 रुपये प्रति माह, दूसरे में 10 लाख रुपये के लिए 1000 रुपये और तीसरे में 25 लाख रुपये के लिए 2000 रुपये देने होंगे। विद्युत कर्मी इनमें से किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया कि पूरे वर्ष का लक्ष्य निर्धारित करें और उसी के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि वह स्वयं त्रैमासिक समीक्षा करेंगे। निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जो इन मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें दंडित भी किया जाएगा। इसी आधार पर स्थानांतरण और पदोन्नति का निर्धारण भी होगा।
ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि जनरेशन और ट्रांसमिशन कंपनी की नई संरचना को स्वीकृति मिल चुकी है। इस अनुसार भर्ती की प्रक्रिया जल्दी पूरी की जाए। सभी कंपनियों की भर्ती और सेवा की शर्तें समान होनी चाहिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों का भी ईपीएफ जमा किया जाना चाहिए। पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 27,230 घरों में से 17,739 घरों में विद्युत कनेक्शन दिए जा चुके हैं। बाकी कार्य भी समय पर पूरे किए जाने चाहिए।
विद्युत वितरण कंपनियों को पारेषण हानि कम करने के लिए योजनाएं बनानी चाहिए। खराब ट्रांसफार्मर को समय पर बदलना जरूरी है। न्यायालयीन मामलों में सरकारी पक्ष को मजबूती से पेश किया जाना चाहिए। विद्युत कटौती और मेंटेनेंस की जानकारी मीडिया में दी जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार की भ्रांति न हो।