पीड़िता ने बताया कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया। उन्होंने उसे जहरीला पदार्थ पिलाया और छत से फेंक दिया। इसके अलावा, उसका गर्भपात करवा दिया गया और पति ने उसे तीन तलाक दे दिया। मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए निर्देश दिए और सख्त कार्रवाई की बात कही।
HighLights
- महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया।
- उसे जहरीला पदार्थ पिलाकर छत से नीचे फेंक दिया गया।
- गर्भपात के बाद पति ने उसे तीन तलाक दे दिया।
Newsstate24 प्रतिनिधि, बैतूल। साहब, मेरी बेटी को ससुराल वालों ने दहेज की मांग करते हुए जहर पिलाकर छत से नीचे फेंक दिया। उन्होंने उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसके पति ने उसे तीन तलाक दे दिया है। चार महीने से मेरी दिव्यांग बेटी को न्याय नहीं मिल सका है।
जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को यह जानकारी देते हुए बैतूल के कंपनी गार्डन क्षेत्र के निवासी सिकंदर खान उनके पैरों में गिर पड़े। मंत्री ने तुरंत उन्हें उठाया और कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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पिछले साल हुआ था निकाह
- पीड़िता ने मंत्री को बताया कि उसका निकाह 2024 में बैतूल के शोएब से हुआ था। शादी के बाद से ही उस पर दहेज के लिए दबाव डाला जाने लगा। मारपीट और प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया। चार माह की गर्भवती होने पर भी 31 अक्टूबर 2024 को परिवार वालों के साथ पति ने मिलकर पहले उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया। इसके बाद उसे छत से नीचे फेंक दिया। उसे पाढर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका 18 दिन तक इलाज चला।
- 19 नवंबर 2024 को पाढर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पति शोएब उसे बैतूल के करुणा अस्पताल ले गया। वहां महिला डॉक्टर ने उसे दवाइयां दीं और ड्रिप के जरिए इंजेक्शन लगाए। 20 नवंबर को सुबह उसका गर्भपात हो गया। उसके पति ने सड़क पर ही तीन तलाक दे दिया। पीड़िता ने प्रभारी मंत्री से पति और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ-साथ गर्भपात कराने वाली डॉक्टर के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।