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मारुति, टाटा, महिंद्रा, हुंडई की कारों की कीमतों में वृद्धि किस कंपनी ने कितने प्रतिशत की है जानिए

मारुति सुजुकी, टाटा, और हुंडई जैसे प्रमुख कार निर्माताओं ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में 2 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, मारुति सुजुकी ने 8 अप्रैल से नई कीमतें लागू करने की घोषणा की है। हालांकि, एंट्री-लेवल कारों पर डीलर अभी भी छूट दे रहे हैं। []

Published: Wednesday, 2 April 2025 at 11:25 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 11:25 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: ऑटो

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मारुति, टाटा, महिंद्रा, हुंडई की कारों की कीमतों में वृद्धि किस कंपनी ने कितने प्रतिशत की है जानिए

मारुति सुजुकी, टाटा, और हुंडई जैसे प्रमुख कार निर्माताओं ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में 2 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, मारुति सुजुकी ने 8 अप्रैल से नई कीमतें लागू करने की घोषणा की है। हालांकि, एंट्री-लेवल कारों पर डीलर अभी भी छूट दे रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और मुद्रास्फीति के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से भारतीय कार बाजार में हलचल पैदा कर रही है। अप्रैल 2025 से मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, और हुंडई के साथ-साथ बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसे प्रीमियम ब्रांड्स ने भी अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। कुछ कंपनियों ने तो हाल के महीनों में 3 बार तक कीमतों में वृद्धि की है। हर बार उत्पादन लागत में वृद्धि को इसका कारण बताया गया है। मारुति ने बलेनो, स्विफ्ट, और ब्रेजा जैसे लोकप्रिय मॉडलों की कीमतों में 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, जबकि टाटा ने नेक्सन और टियागो पर 3 प्रतिशत की वृद्धि की है।

कारों की कीमतों में लगातार वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण पिछले साल की तुलना में स्टील की कीमतें 10.6 प्रतिशत और रबर 27 प्रतिशत महंगा हो गया है। दूसरी बात, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने आयातित पुर्जों की लागत बढ़ा दी है। तीसरा, ऊर्जा, परिवहन, और लॉजिस्टिक खर्चों में भी इजाफा हुआ है। ये सभी कार निर्माताओं पर दबाव बना रहे हैं और उनके पास इस दबाव को ग्राहकों पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

दुनिया भर में सप्लाई चेन में गड़बड़ी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ नियम, और चीन-जापान जैसे देशों में उत्पादन में रुकावटों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। हालांकि, भारत में कारें अमेरिका में ज्यादा नहीं बिकतीं, लेकिन इन वैश्विक घटनाओं ने कंपनियों की योजनाओं पर नकारात्मक असर डाला है। नतीजतन, कारें अब पहले से भी महंगी हो रही हैं।

कुछ डीलर एंट्री-लेवल कारों पर छूट भी प्रदान कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में कमी के चलते मारुति अल्टो K10, स्प्रेसो, और सेलेरियो पर 40,000 रुपये तक की छूट मिल रही है। सिट्रॉन C3 जैसे मॉडल्स पर भी भारी डिस्काउंट और सस्ते EMI ऑफर उपलब्ध हैं। महिंद्रा थार रॉक्स जैसी कारों पर 3 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है। हालांकि, यह जानने के लिए कि यह छूट किन डीलरों पर उपलब्ध है, आपको अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाना होगा।

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