कई प्रमुख उद्योगपतियों और व्यवसायियों का मानना है कि लोगों को सप्ताह में 70 घंटे काम करना चाहिए। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का इस विषय पर एकदम अलग दृष्टिकोण है। उनका कहना है कि अगले 10 वर्षों में लोगों को सप्ताह में केवल दो दिन काम करने की आवश्यकता होगी। बिल गेट्स का []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 08:22 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 11:29 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
कई प्रमुख उद्योगपतियों और व्यवसायियों का मानना है कि लोगों को सप्ताह में 70 घंटे काम करना चाहिए। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का इस विषय पर एकदम अलग दृष्टिकोण है। उनका कहना है कि अगले 10 वर्षों में लोगों को सप्ताह में केवल दो दिन काम करने की आवश्यकता होगी।
बिल गेट्स का तर्क है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी अधिकतर नौकरियों को अपने कब्जे में ले लेगा और श्रम की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी। इसके साथ ही, काम करने का तरीका भी पूरी तरह बदल जाएगा।
उनकी यह भविष्यवाणी पारंपरिक सोच से भिन्न है और उत्पादकता, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी में एआई की भूमिका पर चर्चा को जन्म देती है। इस स्थिति में प्रश्न उठता है कि क्या एआई लोगों की नौकरियों को प्रतिस्थापित करेगा?
बिल गेट्स ने बताया कि 2022 में OpenAI द्वारा ChatGPT के लॉन्च के बाद, एआई ने लोगों की सोच और उनके काम करने के तरीके को बदल दिया है। वर्तमान में एआई चैटबॉट्स जैसे जेमिनी, ग्रोक और डीपसीक का उपयोग बढ़ रहा है। कई पेशेवर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि विभिन्न उद्योगों में नौकरियों का नुकसान हो सकता है।
बिल गेट्स का तो ये भी मानना है कि कुछ क्षेत्रों में एआई लोगों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। हालांकि, सप्ताह में कुछ ही दिन काम करने का उनका विचार नया नहीं है। 2023 में जब एआई टूल ChatGPT लोकप्रिय हुआ था, तब उन्होंने सुझाव दिया था कि लोग सप्ताह में तीन दिन काम करने की ओर बढ़ सकते हैं।
अब जब एआई तेजी से विकसित हो रहा है, उन्होंने यह भविष्यवाणी की है कि जल्द ही एआई नियमित कार्यों में दिखाई देगा, जैसे फैक्ट्रियों, परिवहन और खाद्यान्न उत्पादन में, जहां लोगों की आवश्यकता कम हो जाएगी। गेट्स हमेशा से कहते आए हैं कि एआई में उद्योग को बदलने की क्षमता है और हाल ही में उन्होंने अपने इस दृष्टिकोण को द टू नाइट शो में फिर से साझा किया।