राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत सहित दुनिया के लगभग 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस टैरिफ की घोषणा से महंगाई में वृद्धि होगी, उत्पादन में कमी आएगी, ट्रेड वॉर छिड़ सकता है और यहां [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 08:46 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 03:44 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत सहित दुनिया के लगभग 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस टैरिफ की घोषणा से महंगाई में वृद्धि होगी, उत्पादन में कमी आएगी, ट्रेड वॉर छिड़ सकता है और यहां तक कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी के संकट में भी पड़ सकती है।
अब जानते हैं कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया 27 प्रतिशत का टैरिफ वास्तव में क्या है। टैरिफ का अर्थ है एक प्रकार का टैक्स जो आयातित वस्तुओं पर लगाया जाता है।
किसी भी देश द्वारा टैरिफ लगाने के विभिन्न उद्देश्य हो सकते हैं। पहला उद्देश्य यह हो सकता है कि टैरिफ लगाने वाला देश आयातित वस्तु के दाम को ऊंचा बनाए रखना चाहता है, ताकि इसके कारण घरेलू उत्पादकों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इसका मतलब यह है कि वह प्रतिस्पर्धा से बचना चाहता है। दूसरा उद्देश्य टैरिफ लगाकर राजस्व जुटाना भी हो सकता है।
इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि भारत किसी अमेरिकी उत्पाद पर 50 प्रतिशत का टैक्स लगाता है, तो अमेरिका भी भारत से आयातित वस्तुओं पर उसी अनुपात में टैक्स लगा सकता है। इस प्रकार से न केवल घरेलू बाजार को संरक्षण मिलता है, बल्कि व्यापार का संतुलन भी बना रहता है।
हालांकि, ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर इसे एक प्रकार का हथियार बना लिया है, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैक्स का दबाव बढ़ाया जा सके।
कम विकसित या अन्य देशों का यह तर्क होता है कि विकासशील देशों के कारण वे अधिक टैक्स वसूल रहे हैं। लेकिन ट्रंप ने टैरिफ लगाकर उन देशों पर दबाव बनाने का प्रयास किया है, और यह भी माना जा रहा है कि इसका व्यापक प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
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