अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ से यूएस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है और इससे वैश्विक मंदी भी देखने को मिल सकती है। यह टिप्पणी अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने गुरुवार को की। आईएएनएस के साथ बातचीत में जिंदल ने कहा कि उनके विचार में यह एक गलत निर्णय है, जिसके [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 07:45 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 03:37 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ से यूएस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है और इससे वैश्विक मंदी भी देखने को मिल सकती है। यह टिप्पणी अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने गुरुवार को की। आईएएनएस के साथ बातचीत में जिंदल ने कहा कि उनके विचार में यह एक गलत निर्णय है, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिका की अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी हो जाएगी और वहां के उपभोक्ताओं को अधिक हानि होगी। इससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ेगा और मंदी का जोखिम बढ़ जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार समाधान पर ध्यान केंद्रित करती है और स्थिति के अनुसार फैसले करती है। केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ टैरिफ मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन अमेरिका ने जवाबी टैरिफ लागू कर दिया। इससे भारत से अमेरिका के लिए निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि यह प्रभाव केवल अल्पकालिक होगा। लंबी अवधि में इसके परिणाम नकारात्मक नहीं होंगे।
आकाश जिंदल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक स्तर पर सम्मान है। उनके नेतृत्व में भविष्य में हम अन्य प्रमुख देशों के साथ समझौतों की संभावना देख सकते हैं, जो भारत के निर्यात के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे। माना जा रहा है कि ट्रंप के द्वारा लागू किए गए टैरिफ वैश्विक व्यापार और उत्पादन मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ के कारण वैश्विक बाजारों में अल्पावधि के लिए हलचल देखने को मिल सकती है। इस टैरिफ का सबसे अधिक प्रभाव ऑटोमोबाइल, स्टील और कृषि जैसे क्षेत्रों पर देखा जाएगा, जबकि फार्मा पर कोई टैरिफ नहीं लगाया गया है। ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 26 प्रतिशत, चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत और यूरोपीय संघ पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का संकेत दिया। आइए जानते हैं कि विभिन्न देशों पर कितना टैरिफ लगाया गया है। चीन पर 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ पर 20 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया पर 25 प्रतिशत, भारत पर 26 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत, ताइवान पर 32 प्रतिशत, जापान पर 24 प्रतिशत, थाईलैंड पर 36 प्रतिशत, स्विट्जरलैंड पर 31 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 32 प्रतिशत, मलेशिया पर 24 प्रतिशत, कंबोडिया पर 49 प्रतिशत, यूनाइटेड किंगडम पर 10 प्रतिशत, दक्षिण अफ्रीका पर 30 प्रतिशत, ब्राजील पर 10 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 37 प्रतिशत, सिंगापुर पर 10 प्रतिशत, इजरायल पर 17 प्रतिशत, फिलीपींस पर 17 प्रतिशत, चिली पर 10 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया पर 10 प्रतिशत, पाकिस्तान पर 29 प्रतिशत, तुर्की पर 10 प्रतिशत और श्रीलंका पर 44 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।