अमेरिकी सरकार की विदेशी सहायता एजेंसी USAID को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। एलन मस्क के नेतृत्व में बनी Department of Government Efficiency ने इस संदर्भ में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर तक एजेंसी के सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया जाएगा। USAID की []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 11:55 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 11:30 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार
अमेरिकी सरकार की विदेशी सहायता एजेंसी USAID को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। एलन मस्क के नेतृत्व में बनी Department of Government Efficiency ने इस संदर्भ में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर तक एजेंसी के सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया जाएगा।
USAID की स्थापना 1960 के दशक में मानवता की सहायता के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा की गई थी। इस एजेंसी में करीब 10,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश विदेशों में तैनात हैं। ट्रंप प्रशासन ने फरवरी में ही इस एजेंसी को बंद करने और इसके कार्यों को State Department में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
सूत्रों के अनुसार, USAID के मानव संसाधन विभाग ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को एक कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए सूचित किया है कि अगस्त तक सभी 10,000 से अधिक स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के नोटिस दिए जाएंगे। इसके साथ ही विदेश में तैनात अमेरिकी राजनयिकों और सरकारी अधिकारियों को भी वापस बुलाने की योजना बनाई गई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क ने बिना सबूत के USAID पर गंभीर आरोप लगाए थे। ट्रंप ने इसे “रेडिकल लेफ्ट लूनाटिक्स” का हाथ बताया, जबकि मस्क ने इसे “अपराधिक संगठन” के रूप में वर्णित किया। इन आरोपों के बाद एजेंसी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
USAID के बंद होने से वैश्विक स्तर पर कई मानवीय सहायता कार्यक्रमों पर प्रभाव पड़ेगा। एजेंसी ने अब तक 5,200 से अधिक अनुबंध समाप्त कर दिए हैं और 900 कर्मचारियों को पहले ही नौकरी से हटा दिया गया है। State Department कुछ कार्यों को संभालेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह से USAID की भूमिका नहीं ले पाएगा।