गुजरात के बनासकांठा में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हाल ही में हुए हादसे में देवास और हरदा जिले के 18 लोगों की जान गई थी। इन मृतकों के शव गुरुवार सुबह एंबुलेंस के जरिए लाए गए और संदलपुर, खातेगांव तथा हंडिया से नेमावर के नर्मदा तट पर ले जाया गया। मृतकों का अंतिम संस्कार एक [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 04:00 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 03:59 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
गुजरात के बनासकांठा में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हाल ही में हुए हादसे में देवास और हरदा जिले के 18 लोगों की जान गई थी। इन मृतकों के शव गुरुवार सुबह एंबुलेंस के जरिए लाए गए और संदलपुर, खातेगांव तथा हंडिया से नेमावर के नर्मदा तट पर ले जाया गया।
मृतकों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इस हादसे के बाद देवास और हरदा जिले में परिवारों में गहरा शोक छा गया। परिवार के सदस्य मृतकों के चेहरे एक बार देखने की गुहार लगाते रहे।
गुजरात के बनासकांठा में दो दिन पहले हुए इस हादसे में जिन 18 लोगों की मौत हुई, उनके शव गुरुवार सुबह एंबुलेंस से लाए गए। यह दृश्य संदलपुर और हंडिया में दर्दनाक था, जहां चीख-पुकार मच गई।
कई शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि अंतिम दर्शन नहीं कराए जा सके। कुछ समय बाद शवों को संदलपुर, खातेगांव और हंडिया से नर्मदा तट पर लाया गया, जहां परिवारों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
एक स्थान पर 18 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान कई परिवार के सदस्य मृतकों के चेहरे देखने की गुहार लगाते रहे। जिन शवों के चेहरे ठीक हालत में थे, उन्हें दिखाया गया। अंतिम संस्कार से पहले मृतकों को कंधा भी नहीं मिला।
देवास जिले के संदलपुर से नौ शव चार एंबुलेंस में और खातेगांव से एक शव एक एंबुलेंस में लाया गया। इसके अलावा हंडिया के आठ लोगों के शव भी अन्य एंबुलेंस में थे।
जब शव गांव पहुंचे, तो चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग बदहवास होकर रोने लगे और उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। अंतिम संस्कार के समय खातेगांव के विधायक आशीष शर्मा और कई अन्य जनप्रतिनिधि तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित थे।