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रायपुर के मंदिर हसौद टोल नाका पर फास्टैग में समस्या, वाहनों का लग रहा जाम

फास्टैग की शुरुआत से पहले जैसी स्थिति थी, वही अब भी देखी जा रही है। ओडिशा हाईवे पर मंदिर हसौद रायपुर का एक प्रमुख टोल प्लाजा है। यहां फास्टैग से भुगतान नहीं होने के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। नकद में टोल टैक्स का भुगतान कर रहा वाहन चालक। HighLights ओडिशा हाईवे [...]

Published: Thursday, 3 April 2025 at 06:38 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 03:39 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य

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रायपुर के मंदिर हसौद टोल नाका पर फास्टैग में समस्या, वाहनों का लग रहा जाम

फास्टैग की शुरुआत से पहले जैसी स्थिति थी, वही अब भी देखी जा रही है। ओडिशा हाईवे पर मंदिर हसौद रायपुर का एक प्रमुख टोल प्लाजा है। यहां फास्टैग से भुगतान नहीं होने के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।

नकद में टोल टैक्स का भुगतान कर रहा वाहन चालक।

HighLights

  1. ओडिशा हाईवे पर मंदिर हसौद टोल प्लाजा।
  2. 60 से अधिक वाहन बिना फास्टैग के यहां से गुजरते हैं।
  3. फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने से हो रही समस्याएं।

जितेंद्र सिंह दहिया, रायपुर। जब फास्टैग की शुरुआत हुई थी, तब यह कहा गया था कि टोल नाकों पर वाहनों की कतारें नहीं लगेगी। गाड़ियों के पहुंचते ही कुछ ही सेकंड में आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। इसका मुख्य कारण फास्टैग का काम न करना है।

फास्टैग की शुरुआत से पहले जैसी स्थिति फिर से देखने को मिल रही है। हम यहां ओडिशा हाईवे पर स्थित मंदिर हसौद का उदाहरण देते हैं, जो रायपुर का प्रवेश द्वार भी है। मंगलवार को हमने दोपहर 12:45 से 2:55 बजे तक दो घंटे बिताए और देखा कि दोनों दिशाओं से लगभग 1,200 वाहनों की आवाजाही हो रही थी।

इसमें से करीब 60 से अधिक वाहन बिना फास्टैग के गुजर गए। इन वाहनों के चालकों को नकद भुगतान करना पड़ा क्योंकि उनका फास्टैग या तो नहीं था या ब्लैक लिस्ट हो चुका था, जिससे अन्य गाड़ियों की कतार लग गई।

स्कैन करने पर बैलेंस की कमी का पता चल रहा है

टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बताया कि कई ट्रकों पर फास्टैग लगे हैं लेकिन स्कैन करने पर पता चल रहा है कि उनमें बैलेंस नहीं है, जिससे टोल टैक्स का भुगतान नहीं हो पा रहा। अब उन्हें लाइन में खड़े होकर अपने मालिक को फोन करना पड़ता है।

वहां से उनके फास्टैग का रिचार्ज किया जा रहा है। इसके बाद वे आगे बढ़ते हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम 10 मिनट लग रहे हैं। इस कारण उनके पीछे की गाड़ियों को बिना वजह रुकना पड़ता है और जाम की स्थिति पैदा हो रही है।

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भुगतान दोगुना करना पड़ता है

राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग न होने पर नकद में दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके बाद भी मंदिर हसौद टोल नाके पर हर रोज सैकड़ों वाहन बिना फास्टैग के पहुंचते हैं। आरंग और रायपुर के बीच इस टोल नाके से प्रतिदिन औसतन 30 से 32 हजार गाड़ियां गुजरती हैं।

जिन गाड़ियों में फास्टैग नहीं है, उनके चालकों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि वाहन चालकों द्वारा फास्टैग की केवाईसी न कराने के कारण एचडीएफसी, एसबीआई और बजाज कंपनी के फास्टैग बंद हो गए हैं, जिसकी जानकारी अधिकांश वाहन चालकों को नहीं होती। इस कारण केवाईसी न कराने पर फास्टैग को ब्लैक लिस्ट किया जा रहा है।

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केस-1

हाइवा चालक सत्या जाधव ने बताया कि उनके ट्रक पर पहले से फास्टैग लगा हुआ था। नाके पर स्कैन करने पर पता चला कि वह काम नहीं कर रहा है। उन्होंने वहां गाड़ी को खड़ा कर टोल प्लाजा के पास बने स्टाल में नया फास्टैग लगवाया और फिर आगे बढ़े।

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केस-2

कार चालक अमित वर्मा ने बताया कि उनके पास फास्टैग होने के बावजूद पिछले टोल नाके पर उन्हें दोगुना टोल टैक्स देना पड़ा। वहां बताया गया कि उनका फास्टैग ब्लैक लिस्टेड है, इसलिए स्कैन नहीं हो पा रहा। यहां आने पर वे आसानी से लेन पार कर गए।

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