महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नगर निगम का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में नागरिकों पर कोई नया कर लगाने का प्रस्ताव नहीं है। इसके साथ ही, स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा, डिजिटल कचरा संग्रहण, नई सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। स्वामी [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 11:31 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 06:52 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नगर निगम का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में नागरिकों पर कोई नया कर लगाने का प्रस्ताव नहीं है। इसके साथ ही, स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा, डिजिटल कचरा संग्रहण, नई सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा को सिरपुर तालाब पर स्थापित किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है और इसका अनावरण 12 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इस बजट में हर घर को डिजिटल पता देने और कचरा संग्रहण के डिजिटलाइजेशन के लिए एक एप बनाने का भी प्रस्ताव है। नागरिक इस एप के माध्यम से कचरा गाड़ी को बुला सकेंगे।
बजट में कई अन्य प्रस्ताव भी शामिल हैं, जैसे कि मास्टर प्लान के तहत 10 नई सड़कों का निर्माण और निगम के अधिकारियों के लिए 75 नए वाहनों की खरीद। इन प्रस्तावों पर शुक्रवार को चर्चा की जाएगी। बजट सम्मेलन निगम के मुख्यालय में आयोजित किया गया, जो करीब ढाई घंटे तक चला।
बजट सम्मेलन की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने निगम में ड्रेनेज लाइन से जुड़े भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 11 करोड़ रुपये का नया घोटाला प्रकाश में आया है, जिस पर महापौर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। लगभग 10 मिनट तक हंगामा चलता रहा।
इसके बाद महापौर ने बजट पढ़ना शुरू किया। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा और महेंद्र हार्डिया भी उपस्थित रहे। विजयवर्गीय ने महापौर के बजट भाषण के बाद कहा कि इंदौर के विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं होगी।
बजट में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें 130 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई सड़कों का निर्माण, धोबी घाट की 7 एकड़ जमीन का विकास, हर घर को डिजिटल पता उपलब्ध कराना, वेस्ट टू चारकोल योजना का कार्यान्वयन, और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नया प्लांट लगाना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, शहर में संपत्तियों का जीआइसर्वे कराया जाएगा और हर विधानसभा क्षेत्र में चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक मुख्य मार्ग को आदर्श मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का बांड जारी किया जाएगा और 11 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलियाओं का निर्माण भी किया जाएगा।