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मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में सुधार, मार्च में PMI 56.3 से बढ़कर 58.1 के 8 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति मार्च के महीने में पिछले समय की तुलना में कुछ सुधार दर्शाती है। 2 अप्रैल को प्रकाशित प्राइवेट सेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में पीएमआई आठ महीने के उच्चतम स्तर 58.1 पर पहुंच गया है। इसे सरल शब्दों में कहें तो मार्च के महीने [...]

Published: Wednesday, 2 April 2025 at 05:48 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 03:59 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार

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मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में सुधार, मार्च में PMI 56.3 से बढ़कर 58.1 के 8 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति मार्च के महीने में पिछले समय की तुलना में कुछ सुधार दर्शाती है। 2 अप्रैल को प्रकाशित प्राइवेट सेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में पीएमआई आठ महीने के उच्चतम स्तर 58.1 पर पहुंच गया है। इसे सरल शब्दों में कहें तो मार्च के महीने में भारत की मैन्युफैक्चरिंग PMI 58.1 के स्तर पर रही, जबकि फरवरी में यह 56.4 थी।

यहां यह जानना महत्वपूर्ण है कि 50 से अधिक का स्तर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सकारात्मक बदलाव का संकेत है, जबकि 50 से कम का स्तर गिरावट को दर्शाता है।

वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 78.11 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया, जो कि कंपनी के निर्धारित लक्ष्य से लगभग सात प्रतिशत कम है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सीआईएल का कोयला उत्पादन लक्ष्य 83.8 करोड़ टन था।

सीआईएल ने शेयर बाजार को बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसके कोयले का उत्पादन सालाना आधार पर एक प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, मार्च में इसका उत्पादन पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.1 प्रतिशत घटकर 8.58 करोड़ टन रह गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के इसी महीने में कंपनी ने 8.86 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया था। कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड शामिल हैं।

घरेलू उत्पादन में कोल इंडिया की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कोल इंडिया ने सालाना आधार पर 11 प्रतिशत वृद्धि के साथ 77.36 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया था। कंपनी ने पहले ही कहा था कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक उत्पादन लक्ष्य 83.8 करोड़ टन से घटकर 80.6 से 81 करोड़ टन रहेगा। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी ने 86.8 करोड़ टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

एनटीपीसी माइनिंग ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसने वित्त वर्ष 2024-25 में अपनी पांच निजी खदानों से 4.57 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया है। एनटीपीसी के बिजलीघरों को कोयले की कुल आपूर्ति चार करोड़ 47.2 लाख टन रही, जो साल-दर-साल 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। कंपनी ने तुलनात्मक उत्पादन आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए। एनटीपीसी माइनिंग, एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनी है।

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