रायपुर में 46 हजार संपत्तियों को खरीदने वालों में से 10 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो अन्य राज्यों से हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजधानी में हो रहे विकास का प्रभाव लोगों पर दिखाई देने लगा है।
HighLights
- राजधानी में चल रहे विकास का प्रभाव अब अन्य प्रदेशों में भी देखने को मिल रहा है।
- बिलासपुर दूसरे स्थान पर है, जहाँ 41 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई।
- संपत्ति खरीदने के मामले में दुर्ग तीसरे स्थान पर है, जहां 34 हजार रजिस्ट्री हुई।
जितेंद्र सिंह दहिया, रायपुर। राजधानी के बढ़ते क्षेत्र और सुविधाओं के चलते लोग यहां अपने लिए घर बनाना चाह रहे हैं। प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के लोग भी रायपुर को पसंद कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में प्रदेश भर में संपत्तियों की खरीददारी में रायपुर सबसे आगे रहा।
रायपुर में कुल 46 हजार लोगों ने मकान और जमीन खरीदी। पंजीकरण विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बिलासपुर दूसरे स्थान पर रहा, जहां 41 हजार रजिस्ट्री हुई। दुर्ग में 34 हजार संपत्तियों की बिक्री हुई।
रायपुर में 46 हजार संपत्तियों को खरीदने वालों में से 10 प्रतिशत लोग अन्य राज्यों से हैं। यह दर्शाता है कि राजधानी में हो रहे विकास का असर लोगों पर पड़ रहा है। इस साल रायपुर के पंजीकरण विभाग को लक्ष्य के मुकाबले 90.12 प्रतिशत अधिक आय प्राप्त हुई है।
पिछले वर्ष की तुलना में कम रजिस्ट्री
ज्ञात हो कि राजधानी में प्रदेश भर में सबसे अधिक रजिस्ट्री हुई है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम है। पिछले साल 72,604 संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई थी, जबकि इस साल 46,589 संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 26,015 संपत्तियों की रजिस्ट्री में कमी आई है। इसके पीछे अवैध प्लॉटिंग और सुगम एप में लागू सख्ती प्रमुख कारण हैं।
पिछले वर्ष की आय में वृद्धि
फाइनेंशियल वर्ष 2023-24 में 72,604 संपत्तियों की रजिस्ट्री के साथ रायपुर पहले स्थान पर था। 2022-23 में 65,654 संपत्तियों की बिक्री हुई थी। यह संख्या गिरकर 46,589 पर आ गई, लेकिन आय में 15.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वित्तीय वर्ष में 110,481.44 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।
नए मास्टर प्लान के तहत बोरियाकला को एजुकेशन हब, कचना को प्रीमियम रेसिडेंशियल जोन, गिरौद को लॉजिस्टिक हब और टाटीबंध को ट्रांसपोर्टेशन जोन बनाया जा रहा है। इसलिए लोग रायपुर में अपने घर बनाना चाहते हैं। – पंकज लाहोटी, अध्यक्ष, क्रेडाई
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आवासीय प्लाटों की बिक्री में वृद्धि
यह ध्यान देने योग्य है कि अन्य राज्यों के लोग भी रायपुर में अपना घर बनाना चाहते हैं। पिछले एक साल में सबसे अधिक बिक्री आवासीय प्लाटों की हुई है। इसके साथ ही सरकारी एजेंसियों द्वारा रियायती फ्लैट भी बिके हैं। इससे अब बड़े मेट्रो शहरों की तरह स्वतंत्र मकानों के साथ फ्लैट कल्चर भी विकसित हो रहा है। राजधानी में अभी 20 लाख से लेकर 6 करोड़ तक के फ्लैट बिक रहे हैं।