MF Hussain Painting: ब्रिटिश नीलामी कंपनी क्रिस्टी ने 19 मार्च को न्यूयॉर्क, अमेरिका में एक नीलामी का आयोजन किया। इस दौरान प्रसिद्ध भारतीय कलाकार मकबूल फिदा हुसैन की पेंटिंग ‘अनटाइटल्ड (ग्राम यात्रा)’ 118.7 करोड़ रुपये (13.75 मिलियन डॉलर) में बेची गई। यह भारतीय पेंटिंग के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। इससे पहले सितंबर 2023 में अमृता शेरगिल की पेंटिंग ‘द स्टोरी टेलर’ के लिए 61.8 करोड़ रुपये की बोली लगी थी। अब सवाल यह उठता है कि इस पेंटिंग का खरीदार कौन है?
किसने खरीदी एमएफ हुसैन की पेंटिंग
क्रिस्टी ने खरीदार का नाम ‘अननेम्ड इंस्टीट्यूशन’ के रूप में सूचीबद्ध किया है, लेकिन कई लोगों का मानना है कि एचसीएल टेक के संस्थापक शिव नादर की पत्नी किरण नादर ने यह पेंटिंग खरीदी है। किरण नादर, शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी हैं और कला संग्रह में उनकी गहरी रुचि है। इसके अलावा, वह म्यूजियम ऑफ आर्ट (केएनएमए) की भी ट्रस्टी हैं, जो भारत का पहला निजी कला संग्रहालय है, जो 2010 में स्थापित हुआ। इस पेंटिंग को खरीदने का उनका निर्णय भारतीय कला के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
#WorldAuctionRecord M.F. Husain’s ‘Untitled (Gram Yatra)’ has shattered the previous artist record achieving US$13,750,000 during South Asian Modern + Contemporary Indian Art Sale in New York. This is the highest price realised for any modern Indian work of art in the world. pic.twitter.com/fGmgexiTU7
— Christie’s (@ChristiesInc) March 19, 2025
देश की सबसे अमीर महिला की माता
किरण नादर, भारत की सबसे धनी महिला रोशनी नादर मल्होत्रा की माँ हैं, जिनकी संपत्ति हुरुन इंडिया और फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार 84,330 करोड़ रुपये है। हाल ही में, शिव नादर ने एचसीएल कॉर्प में 47 प्रतिशत हिस्सेदारी अपनी बेटी रोशनी नादर को सौंप दी, जिससे वह एचसीएल की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गईं। किरण नादर की संपत्ति भी 25,100 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, वह देश की प्रसिद्ध ब्रिज खिलाड़ियों में से एक हैं और 67 वर्ष की आयु में उन्होंने ब्रोन्ज मेडल भी जीता था।
पेंटिंग की विशेषताएँ
एम एफ हुसैन की ‘ग्राम यात्रा’ पेंटिंग की लंबाई लगभग 14 फीट है। इसमें भारतीय गांवों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों को दर्शाया गया है। इस पेंटिंग में भारतीय ग्रामीण जीवन से संबंधित 13 विभिन्न दृश्य शामिल हैं, जैसे कुछ महिलाएँ अनाज पीसती हुई, कुछ गाय का दूध निकालती हुई और कुछ अपने बच्चों की देखभाल करती हुई दिखाई दे रही हैं। इस पेंटिंग का निर्माण एमएफ हुसैन ने 13 वर्षों में किया। 1954 में, नॉर्वे में रहने वाले डॉक्टर लियोन एलियास वोलोडार्स्की ने इसे खरीदा था, और 1964 में उन्होंने इसे ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल को गिफ्ट कर दिया।
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