Trump Tariff: अमेरिकन मल्टीनेशनल फाइनेंशियल सर्विस कंपनी जेपी मॉर्गन ने भविष्यवाणी की है कि अमेरिका 2025 के अंत तक आर्थिक मंदी का सामना कर सकता है। इसका मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने 2 अप्रैल को विश्व के विभिन्न देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू कर दिया, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल मच गई। हाल ही में अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जो 2020 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी।
टैरिफ का प्रभाव अमेरिका की GDP पर
ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ लागू किया है। भारत समेत 60 से अधिक देशों पर उन्होंने अधिक टैरिफ लगाया है। चीन ने अमेरिका से आयातित सामानों पर 34 प्रतिशत का टैरिफ लगाकर जवाबी कार्रवाई की है। इसके अलावा, कई अन्य देश भी ऐसा कर सकते हैं।
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न्यूजपेपर द हिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जेपी मॉर्गन के चीफ यूएस इकोनॉमिस्ट माइकल फेरोली ने एक नोट में कहा है कि अमेरिका की जीडीपी टैरिफ के बोझ तले दब सकती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आर्थिक मंदी की स्थिति में बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
विकास दर में कमी की संभावना
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि टैरिफ पहले के अनुमान से कहीं अधिक गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने एक बिजनेस जर्नलिज्म कॉन्फ्रेंस में कहा कि अनिश्चितता बनी हुई है और टैरिफ की दर अपेक्षा से अधिक बढ़ सकती है। इसके आर्थिक प्रभावों में महंगाई और विकास दर में कमी जैसी चुनौतियाँ शामिल हो सकती हैं।
हालांकि ट्रंप का दावा है कि टैरिफ का उद्देश्य अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक आर्थिक मंदी उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से भारत जैसे उभरते बाजार पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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