देश की सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO निरंतर प्रयासरत है। यहाँ के वैज्ञानिक दिन-रात काम करते हैं ताकि भारत की रक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। हाल ही में लिए गए निर्णय के अनुसार केंद्र सरकार की नौकरियों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अगला महत्वपूर्ण बदलाव 8वें वेतन आयोग के रूप में सामने आएगा। इस संदर्भ में यह जानना जरूरी है कि यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो DRDO के वैज्ञानिकों की सैलरी में कितना इजाफा होगा।
DRDO भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला एक प्रमुख संगठन है, जिसमें वैज्ञानिकों की नियुक्ति उच्च शैक्षणिक योग्यता और कठिन चयन प्रक्रिया के माध्यम से होती है। DRDO में वैज्ञानिकों को विभिन्न पदों जैसे Scientist ‘B’, ‘C’, ‘D’, ‘E’, और ‘F’ पर नियुक्त किया जाता है, और उनकी सैलरी ग्रेड-पे और लेवल के अनुसार निर्धारित होती है।
वर्तमान में DRDO के Scientist ‘B’ पद पर कार्यरत वैज्ञानिकों को 56,100 रुपये की बेसिक सैलरी मिलती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों को मिलाकर उनकी कुल मासिक सैलरी लगभग 85,000 से 1,00,000 रुपये तक पहुँच जाती है। जैसे-जैसे वैज्ञानिक का पद ऊँचा होता है, उनकी सैलरी भी बढ़ती है।
यदि 8वां वेतन आयोग 2026 में लागू होता है, तो संभावना है कि बेसिक सैलरी में कम से कम 25% तक का इजाफा हो सकता है। इसका अर्थ है कि Scientist ‘B’ की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से बढ़कर 70,000 से 75,000 रुपये तक हो सकती है। इसी तरह, अन्य वरिष्ठ पदों पर यह वृद्धि और भी अधिक हो सकती है, जिससे सैलरी 1 लाख रुपये से ऊपर जाकर 1.3 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है।