वक्फ संशोधन बिल के संदर्भ में बुधवार का दिन काफी महत्वपूर्ण होगा। सरकार की योजना है कि आज ही इस बिल पर चर्चा पूरी की जाए और इसे पारित भी किया जाए। अंत में वोटिंग होगी। भाजपा ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। केंद्र सरकार वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 04:57 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 06:31 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: क्रिकेट
वक्फ संशोधन बिल के संदर्भ में बुधवार का दिन काफी महत्वपूर्ण होगा। सरकार की योजना है कि आज ही इस बिल पर चर्चा पूरी की जाए और इसे पारित भी किया जाए। अंत में वोटिंग होगी। भाजपा ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है।
केंद्र सरकार वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है। यदि सब कुछ सही रहा तो बुधवार को ही यह बिल लोकसभा में पारित हो जाएगा। इसके बाद इसे राज्यसभा में रखा जाएगा।
लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो चर्चा का समय बढ़ाया जाएगा।
**वक्फ बिल: लोकसभा और राज्यसभा में कैसे पारित होगा**
लोकसभा में इस बिल को पारित कराने के लिए सरकार को 272 सांसदों का समर्थन चाहिए होगा। 542 सांसदों वाली लोकसभा में भाजपा के 240 सांसद हैं। इसके अलावा जेडीयू के 12, टीडीपी के 16, एलजेपी (आरवी) के 5, आरएलडी के 2 और शिवसेना के 7 सांसदों का भी समर्थन है। ऐसे में भाजपा को इस बिल को पारित कराने में कोई समस्या नहीं दिख रही है।
राज्यसभा में एनडीए के पास 125 सांसद हैं, जिनमें भाजपा के 98, जेडी(यू) के चार, टीडीपी के दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन, शिवसेना का एक और आरएलडी का एक शामिल है। 245 सदस्यों वाली इस सदन में बिल को पारित कराने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है। एनडीए को उम्मीद है कि उसे असम गण परिषद और तमिल मनिला कांग्रेस जैसे एकल-सदस्यीय दलों के साथ-साथ छह मनोनीत सदस्यों का भी समर्थन मिलेगा।
**कौन-कौन वक्फ बिल के समर्थन में**
भाजपा को यह विश्वास है कि जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) जैसे प्रमुख सहयोगियों का समर्थन मिलेगा, जिससे विवादास्पद वक्फ (संशोधन) विधेयक को संसद से पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं आएगी। ये सभी दल बिल के समर्थन में वोट देने की बात कह चुके हैं।
वहीं, कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सभी दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं। बिल के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह शामिल हुए।
इस बैठक में डीएमके के टीआर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोझी, राजद के मनोज कुमार झा, सीपीआई-एम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के संतोष कुमार पी, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और वाइको भी उपस्थित थे।