newsstate24 Logo

वक्फ बोर्ड में एक सीईओ भी होता है केवल इन्हें नियुक्त किया जाता है इन्हें इतनी तनख्वाह मिलती है वक्फ संशोधन विधेयक

लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया गया है। इस विधेयक में वक्फ बोर्ड के प्रबंधन और पारदर्शिता को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। सरकार इस विधेयक को लेकर गंभीर है और बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को समर्थन में मतदान करने के लिए निर्देशित किया है। वहीं, [...]

Published: Thursday, 3 April 2025 at 04:08 am | Modified: Friday, 4 April 2025 at 04:44 am | By: Kapil Sharma | 📂 Category: कारोबार

Social ShareFacebookXWhatsAppInstagramLinkedIn
वक्फ बोर्ड में एक सीईओ भी होता है केवल इन्हें नियुक्त किया जाता है इन्हें इतनी तनख्वाह मिलती है वक्फ संशोधन विधेयक

लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया गया है। इस विधेयक में वक्फ बोर्ड के प्रबंधन और पारदर्शिता को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। सरकार इस विधेयक को लेकर गंभीर है और बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को समर्थन में मतदान करने के लिए निर्देशित किया है। वहीं, विपक्ष ने इस विधेयक का तीव्र विरोध किया है। इस बीच, वक्फ बोर्ड के सीईओ की भूमिका पर चर्चा भी तेज हो गई है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड के सीईओ कौन होते हैं, उनकी जिम्मेदारियां क्या होती हैं और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है।

वक्फ बोर्ड के सीईओ एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होते हैं जो राज्य वक्फ बोर्ड के कार्यों और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेते हैं। वक्फ अधिनियम, 1995 के अनुसार, राज्य सरकार वक्फ बोर्ड के सीईओ की नियुक्ति करती है। इस पद पर आमतौर पर आईएएस, आरएएस, पीसीएस या अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है।

वक्फ बोर्ड के सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी राज्य में वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग और सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। वे कानूनी मामलों की निगरानी करते हैं और किसी भी अनियमितता पर आवश्यक कार्रवाई करते हैं। इसके अलावा, वे बोर्ड के कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके कार्यों की समीक्षा भी करते हैं।

सीईओ की अन्य जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:

वक्फ की आय, खर्च और संपत्तियों का प्रबंधन करना।

राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय स्थापित करना।

वक्फ संपत्तियों के विकास से जुड़े सरकारी योजनाओं को लागू करना।

वक्फ से संबंधित कानूनी मामलों का प्रबंधन करना और आवश्यक निर्णय लेना।

रिपोर्टों के अनुसार, वक्फ बोर्ड के सीईओ पद पर आमतौर पर आईएएस या पीसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी के तहत नियुक्त किया जाता है। इसलिए उन्हें इस पद के लिए अलग से सैलरी नहीं दी जाती है, बल्कि वे अपने मौलिक वेतन पर ही कार्य करते हैं।

वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से कुछ मुख्य निम्नलिखित हैं:

गैर-मुस्लिम सदस्य: राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में अब दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जाएगा।

महिला प्रतिनिधित्व: बोर्ड में अब दो मुस्लिम महिलाओं की नियुक्ति अनिवार्य होगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही: विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।

इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सरकार वक्फ बोर्ड के मामलों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करके इसके मूल उद्देश्य को कमजोर कर रही है। हालांकि, सरकार का तर्क है कि ये बदलाव पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देंगे।

Related Articles

About Author