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चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से लुट गया पाकिस्तान, हुआ इतना नुकसान, जितने में आ जाता F-35 फाइटर विमान

नई दिल्ली: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तो पहले से ही खस्ता थी, लेकिन अब चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के बाद तो उसकी हालत बद से बदतर हो चुकी है. आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इतना नुकसान हुआ है, जितने में तो एक दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट में से एक F-35 []

Published: Monday, 17 March 2025 at 08:53 pm | Modified: Monday, 17 March 2025 at 08:53 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: लेटेस्ट

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चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से लुट गया पाकिस्तान, हुआ इतना नुकसान, जितने में आ जाता F-35 फाइटर विमान

नई दिल्ली: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तो पहले से ही खस्ता थी, लेकिन अब चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के बाद तो उसकी हालत बद से बदतर हो चुकी है. आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इतना नुकसान हुआ है, जितने में तो एक दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट में से एक F-35 खरीदा जा सकता था. रिपोर्ट्स की माने तो चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करके PCB को 85 मिलियन अमरीकी डॉलर (869 करोड़ रुपये) की चपत लगी है.

मालूम हो कि अमेरिका एक F-35 फाइटर प्लेन पर औसतन 82.5 मिलियन डॉलर (करीब 715 करोड़ रुपए) खर्च करता है. F-35 के 3 वैरिएंट्स हैं, जिनकी कीमत 700 करोड़ रुपए से शुरू होकर 944 करोड़ रुपए के बीच है.

हैरानी कि बात तो ये है कि 869 करोड़ रुपये का नुकसान खाकर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी में सिर्फ दो ही मैच खेल पाया. लाहौर में खेले गए ओपनिंग मैच में पाकिस्तान को न्यूजीलैंड ने रौंद डाला था. इसके बाद दुबई में भारत-पाकिस्तान की टक्कर हुई. इस मैच में भी पड़ोसियों को मुंह की खानी पड़ी. बांग्लादेश के खिलाफ उनका तीसरा और आखिरी ग्रुप मैच बिना एक भी गेंद फेंके बारिश के चलते धुल गया. इन दो हारों ने पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. इसलिए सिर्फ एक घरेलू मैच के साथ उसके अभियान का भी अंत हुआ.

टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने अपने तीन चैंपियंस ट्रॉफी वेन्यू- रावलपिंडी, लाहौर और कराची को अपग्रेड करने के लिए लगभग 18 बिलियन पाकिस्तानी रुपये (लगभग 58 मिलियन डॉलर) खर्च किए थे. अपग्रेड करने की लागत अनुमानित बजट से 50 प्रतिशत ज्यादा थी. बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी कथित तौर पर इवेंट की तैयारियों पर 40 मिलियन अमरीकी डॉलर खर्च किए. हालांकि बदले में उनकी कमाई चवन्नी भर ही हुई.

कहा जाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को होस्टिंग शुल्क के रूप में बदले में केवल 6 मिलियन अमरीकी डॉलर मिले थे. जब टिकट बिक्री और स्पॉन्सर्स की बात आती है, तो कमाई नगण्य थी. रिपोर्ट से ये पता चलता है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने से पीसीबी को लगभग 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ.

इस नुकसान की भरपाई के लिए अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों की जेब पर डाका डाल रहा है. पीसीबी मैनेजमेंट ने राष्ट्रीय टी-20 चैंपियनशिप के लिए हैरान करते हुए मैच फीस में 90 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों की सैलरी में 87.5 प्रतिशत की कटौती की.

पाकिस्तान के खबर डॉन के अनुसार, ‘पीसीबी ने हाल ही में बिना किसी आधिकारिक घोषणा के मैच फीस को 40,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया था. हालांकि पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने हस्तक्षेप करते हुए इस फैसले को खारिज कर दिया और बोर्ड के घरेलू क्रिकेट विभाग को मामले पर फिर से नजर मारने का निर्देश दिया.यहां तक ​​कि खिलाड़ियों को फाइव स्टार होटल में रुकवाने की जगह इकॉनमी होटल में ठहराने का आदेश दे दिया.

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