मध्य प्रदेश के खंडवा में 16 वर्षीया काजल की हत्या उसके पिता लोकेश द्वारा प्रेम संबंधों के कारण गला घोंटकर की गई। शव को बोरे में डालकर बैकवाटर में फेंक दिया गया। पुलिस ने चार दिन बाद शव की पहचान की। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और शव लेने से भी मना कर दिया। दोनों आरोपी अब जेल में हैं।
Newsstate24 प्रतिनिधि, खंडवा। अपनी पसंद के लड़के से शादी करने की जिद किशोरी के लिए जानलेवा साबित हुई। पिता ने गमछे से बेटी का गला घोंट दिया और फिर शव को बोरे में भरकर बैकवाटर में डाल दिया। शव मिलने के बाद पुलिस ने चार दिनों तक उसकी पहचान करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
परिवार ने बेटी के लापता होने की शिकायत तक नहीं की। पुलिस ने जब अंधे हत्या की जांच शुरू की, तब पता चला कि यह मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा हुआ था।
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परिवार ने गुमशुदगी की सूचना नहीं दी
- हत्या के संदिग्ध पिता से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसे अपनी बेटी की हत्या का कोई पछतावा नहीं है। खंडवा जिले में हुई इस हत्या की घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने गुरुवार को किया।
- हरसूद के पास चारखेड़ा में इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर में 30 मार्च को पुलिस को एक अज्ञात लड़की का शव बोरे में पड़ा होने की सूचना मिली थी। जांच में पुलिस को हरदा जिले के छीपाबड़ निवासी एक लड़की के चार दिन से लापता होने की जानकारी मिली, लेकिन उसके परिजनों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी।
- जब पुलिस परिजनों तक पहुंची, तो पता चला कि जिस लड़की का शव मिला है, वही लापता है। वह 16 वर्षीय काजल थी। पुलिस ने उसके पिता 42 वर्षीय लोकेश से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
लड़की पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी
लोकेश ने बताया कि उसकी बेटी परिवार की इच्छा के खिलाफ एक लड़के से शादी करना चाहती थी, जो उन्हें मंजूर नहीं था। 26 मार्च की रात को उसने खेत में काजल का गला घोंट दिया। लोकेश ने अपने पिता 66 वर्षीय विष्णुप्रसाद मीणा के साथ मिलकर शव को बोरे में डालकर बाइक से चारखेड़ा ले जाकर रेलवे ब्रिज से बैकवाटर में फेंक दिया।
दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया
सहआरोपी विष्णुप्रसाद के साथ लोकेश को गिरफ्तार कर जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
परिजनों ने शव लेने से किया मना
हरसूद थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि परिजनों ने पहचान होने के बावजूद लड़की के शव को लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उन्होंने लड़की को नर्मदा में ठंडा कर दिया है, इसलिए अब अंतिम संस्कार की जरुरत नहीं है।