Mutual Fund Investment: SBI लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड भारत की सबसे पुरानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (elss) में से एक है. इसे पहले एसबीआई मैग्नम टैक्सगेन स्कीम के नाम से जाना जाता था. 32 साल पुराना यह टैक्स सेविंग फंड में 3 साल का लॉक-इन पीरियड और निवेशकों के लिए टैक्स बेनिफिट भी है. इस स्कीम में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए हर महीने 1000 रुपये के इंवेस्टमेंट से निवेशक 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का फंड वैल्यू जमा सकते हैं.
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साल 1993 में हुई थी स्कीम की शुरुआत
31 मार्च 1993 को लॉन्च हुए इस फंड ने शुरुआत में IDCW विकल्प (पहले लाभांश विकल्प) की पेशकश की, जबकि ग्रोथ ऑप्शन को बाद में 7 मई 2007 को पेश किया गया. इस योजना को निफ्टी इंडिया कंजम्पशन टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) में बेंचमार्क किया गया है.
31 मार्च 2025 तक इस योजना के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 27,730.33 करोड़ रुपये हो गईं. सितंबर 2016 से दिनेश बालचंद्रन इस स्कीम के फंड मैनेजर हैं. यह योजना मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों में निवेश करती है, जिसमें 90 परसेंट से अधिक का एलोकेशन होता है, जबकि मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में 10 परसेंट तक का आवंटन होता है.
एक साल में दिया है इतना रिटर्न
इस स्कीम ने बाजार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए लगातार इक्विटी निवेश का फायदा उठाया है, जिससे हर महीने दिया जाने वाला मामूली सा कंट्रीब्यूशन बड़े फंड में बदल जाता है. 3 अप्रैल, 2025 तक एसबीआई लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड डायरेक्ट प्लान-ग्रोथ का NAV 437.78 रुपये है, इसका एक्सपेंस रेश्यो 0.95 परसेंट रहा है.
पिछले एक साल में, फंड ने 7.79 परसेंट का रिटर्न दिया है, जबकि शुरुआत से ही इसने 16.43 परसेंट तक का औसत एनुअल रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों का पैसा हर 3 साल में दोगुना हो रहा है. इसमें एसेट एलोकेशन खास तौर पर फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, हेल्थकेयर और माइनिंग सेक्टर में किया जाता है.
इसके टॉप-5 होल्डिंग्स में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, भारती एयरटेल लिमिटेड और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड शामिल हैं. इस स्कीम में हर महीने 1000 रुपये की SIP से आप 32 साल की अवधि में 1.4 करोड़ रुपये तक का फंड अपने पास जुटा लेंगे.
एसबीआई लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड – रेगुलर प्लान का एसआईपी रिटर्न
- अपफ्रंट इंवेस्टमेंट- 1 लाख रुपये
- मंथली एसआईपी अमाउंट- 10,000 रुपये
- इंवेस्टमेंट ड्यूरेशन- 3 साल
- 3 साल में टोटल 4,60,000 रुपये निवेश किए गए
- 20.93 परसेंट के एनुअल रिटर्न पर 6,65,578 रुपये
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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