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भारत ने चीन से आने वाले 4 उत्पादों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगाया

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भारत की चीन के खिलाफ कार्रवाई: भारत ने चार चीनी उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है। इनमें एल्युमीनियम फॉयल, वैक्यूम फ्लास्क, सॉफ्ट फेराइट कोर्स और ट्राइक्लोरो आइसोसिनोरिक एसिड शामिल हैं। ये सभी उत्पाद सामान्य कीमतों से कम पर चीन से भारत में आयात किए गए थे। यह कदम घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात के प्रभाव से बचाने के लिए उठाया गया है। यह शुल्क पांच साल की अवधि के लिए लागू किया गया है। इस फैसले की सिफारिश वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीटीआर ने की थी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड और राजस्व विभाग ने विभिन्न अधिसूचनाओं के माध्यम से इसका ऐलान किया है।

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एल्युमीनियम फॉयल पर अस्थायी शुल्क

सरकार ने चीन से आयातित एल्युमीनियम फॉयल पर अस्थायी डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है, जो छह महीने के लिए मान्य होगा। इस पर 873 डॉलर प्रति टन तक का शुल्क लगाया गया है। इसके साथ ही, चीन और जापान से एसिड के आयात पर भी 276 डॉलर प्रति टन से लेकर 986 डॉलर प्रति टन तक का शुल्क लगाया गया है। यह ध्यान देने योग्य है कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के बीच आयात-निर्यात का व्यापार होता है। समय-समय पर सरकार व्यापार संतुलन को बनाए रखने के लिए ऐसे निर्णय लेती है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना बनाई थी।

एंटी डंपिंग शुल्क क्या है?

जब कोई देश अपने उत्पादों को दूसरे देश में कम कीमत पर निर्यात करता है, तो इसे डंपिंग कहा जाता है। जिस देश में डंपिंग की जा रही है, वहां के उत्पादों की कीमत पर इसका असर पड़ता है। इससे घरेलू बाजार में निर्यातित उत्पाद की कीमत घट जाती है, जो घरेलू ब्रांडों की बिक्री को प्रभावित करता है।

यह स्थिति इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि सस्ते विदेशी उत्पादों की तुलना में घरेलू कंपनियाँ अपनी उच्च लागत के कारण अपने उत्पादों को उसी कीमत पर नहीं बेच पातीं। इस वजह से उनकी मांग घट जाती है। इसके परिणामस्वरूप कई कंपनियाँ बंद हो जाती हैं और लोगों की नौकरियाँ चली जाती हैं। इसलिए, सरकार घरेलू उद्योगों के हितों और देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एंटी डंपिंग शुल्क लगाती है।

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कपिल शर्मा डिजिटल मीडिया मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक मजबूत स्तंभ हैं और मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में मास्टर्स (पीजी) किया है। मीडिया इंडस्ट्री में डेस्क और ग्राउंड रिपोर्टिंग दोनों में उन्हें चार साल का अनुभव है। अगस्त 2023 से वे जागरण न्यू मीडिया और नईदुनिया I की डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले वे अमर उजाला में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कपिल को लिंक्डइन पर फॉलो करें – linkedin.com/in/kapil-sharma-056a591bb