रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने आठ आरोपितों को ताउम्र कैद की सजा दी है। न्यायालय ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दो लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। 31 अक्टूबर 2024 को गुढ़ थाना [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 02:46 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 12:53 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने आठ आरोपितों को ताउम्र कैद की सजा दी है। न्यायालय ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दो लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
31 अक्टूबर 2024 को गुढ़ थाना क्षेत्र में हुए इस सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पदमा जाटव की अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया।
153 दिन के भीतर दिए गए इस फैसले में सभी आठ दोषियों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई गई है। लोक अभियोजक विकास द्विवेदी के अनुसार, न्यायालय ने इस प्रकरण को विरल से विरलतम मानते हुए सजा निर्धारित की है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आवारा नर पैशाचिक लड़कों ने पति-पत्नी को जीवनभर के लिए कभी खत्म न होने वाली तकलीफ में डाल दिया है। आरोपितों को मृत्यु तुल्य दंड से दंडित करना उचित है। इसलिए, उन्हें न केवल अधिकतम दंड से दंडित किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें भारी जुर्माने से भी सजा देनी चाहिए ताकि यह राशि पीड़िता के पुनर्वास के लिए उपयोग की जा सके।
घटना 21 अक्टूबर 2024 की है, जब गुढ़ थाना क्षेत्र में भैरव बाबा मंदिर के पास पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर 21 नवंबर को न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल 16 जनवरी 2025 से शुरू हुआ और 20 मार्च को मामले की आखिरी पेशी हुई। 26 मार्च को आरोपितों को अंतिम अवसर दिया गया और 2 अप्रैल को सजा सुनाई गई।
सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों में रामकिशन, रावेश गुप्ता, रजनीश कोरी, दीपक कोरी, राजेंद्र कोरी, लवकुश कोरी, गुरुड़ कोरी और सुशील कोरी शामिल हैं।