सनातन धर्म में राम नवमी का अत्यधिक महत्व है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष 6 अप्रैल को मनाई जाने वाली रामनवमी पर सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। देश के प्रमुख राम मंदिरों में इस अवसर की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चैत्र मास [...]
Published: Thursday, 3 April 2025 at 03:55 pm | Modified: Friday, 4 April 2025 at 02:16 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: आस्था
सनातन धर्म में राम नवमी का अत्यधिक महत्व है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष 6 अप्रैल को मनाई जाने वाली रामनवमी पर सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। देश के प्रमुख राम मंदिरों में इस अवसर की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, यानी 6 अप्रैल को रामनवमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था, और इसे भगवान रामलला के जन्मोत्सव के रूप में मनाने के साथ-साथ पूजा भी की जाती है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस दिन श्रीराम के साथ माता सीता की पूजा करने से साधक को सभी दुखों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का भी विधान है।
रामनवमी का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
इस दिन कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रवि पुष्य योग समेत कई अद्भुत संयोग बनते हैं। सुबह से लेकर शाम 6 बजकर 55 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा।
रवि पुष्य योग सुबह 6 बजकर 18 मिनट से लेकर 7 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, और सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन के लिए रहेगा। इसके साथ सुलक्ष्मी योग, मालव्य योग और बुधआदित्य योग भी बन रहे हैं।
राम नवमी के इस विशेष अवसर पर भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा करके कार्यों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें, उन्हें चंदन का तिलक लगाएं और श्रीराम स्तुति का पाठ करें।