बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई है। वह महुआ बीनने के लिए जंगल गई थी। इस घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल के भीतर ज्यादा न जाएं। उमरिया से समाचार प्रतिनिधि []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 06:24 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 06:47 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई है। वह महुआ बीनने के लिए जंगल गई थी। इस घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल के भीतर ज्यादा न जाएं।
उमरिया से समाचार प्रतिनिधि के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पंपदा रेंज के कुशवाहा कोठिया गांव के पास यह घटना हुई। सुबह 9 बजे के आसपास महिला पर बाघ ने हमला किया। बताया गया है कि जब महिला महुआ बीन रही थी, तभी अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
मृतक महिला का नाम रानी सिंह है जो कि कुशमाहा कोठिया की निवासी थी। उसकी उम्र 27 वर्ष थी और वह अपने घर के समीप महुआ बीनने गई थी। इसी दौरान बाघ ने उस पर हमला किया, जिससे उसकी जान चली गई।
इस गांव के आसपास बाघ घूम रहा था, जो झाड़ियों में छिपा हुआ था। जब रानी महुआ बीनने के लिए झुकी, तो बाघ ने उसे जानवर समझ लिया और उस पर हमला कर दिया।
बाघ ने महिला की गर्दन को दबोच लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। महिला को चीखने का भी समय नहीं मिला। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने बाघ को महिला पर हमला करते देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद बाघ वहां से भाग गया।
गांव के नजदीक बाघ की उपस्थिति ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि बाघ को यहां से हटाया जाए, अन्यथा वह फिर किसी पर हमला कर सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि महुआ गिरने का मौसम है और वे इसे बीनने जाएंगे, क्योंकि वे वनोपज पर निर्भर हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें समझाया है कि वे जंगल में ज्यादा अंदर न जाएं। साथ ही, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बाघ को जंगल के भीतर हांकने की व्यवस्था की जाएगी।