इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस ब्रांच के दो पीजी कोर्स को 18-18 सीटों के साथ शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को 20 से 22 हजार रुपये की फीस चुकानी होगी। प्रवेश गेट परीक्षा के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। रायपुर में जीईसी में ये दोनों कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनकी []
Published: Wednesday, 2 April 2025 at 06:12 pm | Modified: Thursday, 3 April 2025 at 06:46 pm | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शहर और राज्य
इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस ब्रांच के दो पीजी कोर्स को 18-18 सीटों के साथ शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को 20 से 22 हजार रुपये की फीस चुकानी होगी। प्रवेश गेट परीक्षा के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
रायपुर में जीईसी में ये दोनों कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है।
एआईसीटीई की टीम 26 मार्च को कॉलेज का निरीक्षण कर चुकी है और जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल जैसे छह पीजी कोर्स शुरू करने के लिए अनुमति मांगी गई थी। सरकार से पहले ही अनुमति मिल चुकी है, जिससे प्लेसमेंट के अवसर बढ़ेंगे।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) में शिक्षा सत्र 2025-26 से पोस्ट ग्रेजुएशन (एम.टेक) की पढ़ाई शुरू होगी। नए पाठ्यक्रमों के लिए कॉलेज ने एआईसीटीई को पत्र लिखा था।
उम्मीद है कि जल्द ही नए पाठ्यक्रमों के लिए अनुमति प्राप्त होगी। चूंकि यह एक सरकारी कॉलेज है, इसलिए पहले राज्य सरकार से पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी। कॉलेज प्रबंधन ने सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल जैसे छह पीजी कोर्स शुरू करने की मंजूरी मांगी थी।
इन्हीं में से इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस ब्रांच के दो पीजी कोर्स को 18-18 सीटों के साथ शुरू करने की मंजूरी मिली है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को 20 से 22 हजार रुपये का शुल्क देना होगा।
राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद एआईसीटीई को आवेदन किया गया था और वहां से अभी अंतिम मंजूरी आनी बाकी है। छात्रों को डेटा साइंस और एम्डेड सिस्टम तथा वीएलएसआई की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
रायपुर जीईसी में ये दोनों कोर्स शुरू किए जाएंगे। जबकि बिलासपुर और जगदलपुर जीईसी में पहले से ही अन्य विषयों पर पीजी कोर्स चल रहे हैं।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमआर खान ने बताया कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन हो रहा है। इसलिए छात्रों को नई तकनीक से अपडेट रखना संस्थान का लक्ष्य है। डेटा साइंस और एम्डेड सिस्टम और वीएलएसआई दोनों ही अत्याधुनिक तकनीक हैं और बाजार में इनकी मांग है।
इन कोर्सों के शुरू होने से विद्यार्थियों को बाजार की मांग के अनुसार विषय सीखने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों का रोजगार कौशल बढ़ेगा और प्लेसमेंट के अवसर भी अधिक होंगे।
कॉलेज में बीटेक के पांच विषयों की पढ़ाई होती है, जिसमें सिविल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग शामिल हैं। सिविल में 40 सीटें हैं, जबकि अन्य कोर्स में 60-60 सीटें हैं, जिससे कुल 280 स्नातक सीटें हैं। इसके अलावा छह पीएचडी प्रोग्राम भी चल रहे हैं।
जीईसी कैंपस में आईआईटी भिलाई 2016 से चल रहा था। पिछले वर्ष आईआईटी अपने मुख्य कैंपस दुर्ग के पास कुटेलाभाठा में स्थानांतरित हो चुका है। आईआईटी की बिल्डिंग खाली होने के बाद जीईसी ने नए कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, ताकि कैंपस का पूरा उपयोग किया जा सके।