बिहार बोर्ड ने इस वर्ष भी हर बार की तरह सबसे पहले 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणामों की घोषणा कर दी है। बिहार बोर्ड एक ऐसा बोर्ड है जो पिछले कई वर्षों से ऐसा करता आ रहा है। हालांकि जब बात राज्य की विश्वविद्यालयों की आती है, तो तस्वीर बिलकुल भिन्न होती है। बिहार [...]
Published: Friday, 4 April 2025 at 02:07 pm | Modified: Saturday, 5 April 2025 at 08:41 am | By: Kapil Sharma | 📂 Category: शिक्षा
बिहार बोर्ड ने इस वर्ष भी हर बार की तरह सबसे पहले 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणामों की घोषणा कर दी है। बिहार बोर्ड एक ऐसा बोर्ड है जो पिछले कई वर्षों से ऐसा करता आ रहा है। हालांकि जब बात राज्य की विश्वविद्यालयों की आती है, तो तस्वीर बिलकुल भिन्न होती है। बिहार के कई विश्वविद्यालयों में सेशन लेट होने के कारण अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। सवाल यह उठता है कि जब बिहार बोर्ड इतनी तेजी से परिणाम घोषित कर सकता है, तो विश्वविद्यालयों में यह पिछड़ापन क्यों है? आइए जानते हैं।
बिहार ने इस साल 12वीं कक्षा का परिणाम 25 मार्च को जारी किया है। साथ ही 10वीं कक्षा के परिणाम भी 29 मार्च को घोषित कर दिए गए थे। दूसरी ओर, जब हम राज्य के विश्वविद्यालयों की बात करते हैं, तो स्थिति बिल्कुल अलग है। जहां बोर्ड हर साल अन्य बोर्डों से पहले परिणाम जारी करता है, वहीं यहां की विश्वविद्यालयें परिणामों को जारी करने में पीछे रह जाती हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में तो सेशन ही लेट चल रहा है, जिससे छात्रों को काफी कठिनाई हो रही है।
बिहार के सारण छपरा में जय प्रकाश यूनिवर्सिटी स्थित है। यहां के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बहुत मेहनत करके 2018 से लेट चल रहे सेशनों को सुधारने का प्रयास किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ प्रमेंद्र कुमार बाजपेयी का कहना है कि 2018 से सभी सेशन लेट चल रहे थे, लेकिन अब ग्रेजुएशन के सभी सेशनों के परीक्षाएं हो चुकी हैं। केवल परिणाम बाकी हैं, जो जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन के सेशन 6 महीने लेट चल रहे हैं, जिसे इस साल सुधारने की कोशिश की जा रही है। जून महीने से पोस्ट ग्रेजुएशन के सुधार की प्रक्रिया चलती रहेगी और 2025 से पोस्ट ग्रेजुएशन का सेशन भी सही हो जाएगा।
जय प्रकाश यूनिवर्सिटी के कुलपति ने बताया कि पेंडिंग रिजल्ट और लेट सेशनों को खत्म करने के लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में रिजल्ट को छोड़कर अब कुछ भी पेंडिंग नहीं है। VC ने बताया कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में लेट हुए सेशनों को सुधारने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। 2018 से 2023 तक की सभी मार्कशीट में सुधार कर दिया गया है और जो परीक्षाएं किसी कारणवश नहीं हो पाईं थीं, उन्हें सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है।
2018 से 2023 तक की सभी मार्कशीट को सही कर दिया गया है। सेकंड ईयर और थर्ड ईयर की सभी लंबित परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। 2021-2024 और 2022-2025 के सेकंड ईयर के एग्जाम कराए जा रहे हैं। 2023-2027 बैच के पहले और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं भी पूरी कर ली गई हैं। 2024-2028 बैच का पहला सेमेस्टर एग्जाम भी समय पर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले 1 से 1.5 महीने के भीतर सभी पेंडिंग रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। अब ग्रेजुएशन में किसी प्रकार की देरी नहीं रहेगी। लगभग 10 वर्षों में पहली बार विश्वविद्यालय का सेशन पूरी तरह सही हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2025 से विश्वविद्यालय का सेशन सही हो जाएगा और जुलाई 2025 में नए एडमिशन लिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी छात्र का सेशन लेट नहीं होगा।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में डीन स्टूडेंट वेलफेयर आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि एडमिशन सेशन लगभग एक साल लेट चल रहा है, लेकिन इसे सुधारने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन में 2024-26 का एडमिशन हुआ है, जो एक साल पीछे चल रहा है। वहीं, ग्रेजुएशन में 2024-28 बैच का एडमिशन हुआ है और उसका पहला सेमेस्टर एग्जाम भी हो चुका है। हालाँकि, देरी के कारण UG सेशन फिलहाल 6 महीने लेट चल रहा है।
राज्य में अन्य विश्वविद्यालयों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। कहीं 2025 सेशन के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक पिछले बैच की फाइनल परीक्षाएं भी पूरी नहीं हुई हैं। इस कारण से 2025-2028 बैच के छात्रों का दाखिला अब अत्यधिक देरी से होने की संभावना है।